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AIAPGET 2019 (Ayurveda Pre PG) ONLINE TEST SERIES #57

  • AIAPGET 2019 Online Free of cost Daily Test Series.Ayurveda PrePG Free Online Test Paper.
  • Free Online Test Series for Ayurveda Pre PG (MD/MS) Entrance Exam AIAPGET.
  • (NTA – National test Agency Ayurveda Exam)
  • Ayurveda Pre PG (MD/MS) Entrance Exam previous year Questions Paper In PDF file.

  • Formation of RBC takes place during foetal life (3 weeks to 3rd month) in?

    • Yolksac
    • Spleen
    • Liver
    • Bonemarrow
  • आर्तवदर्शन से पूर्व स्तन, गर्भाशय और योनि का विकास, किसके क्रमिक संचय का कारण है?

    • रस
    • रक्त
    • आर्तव
    • रज
  • गर्भ के कृष्ण श्याम वर्ण के लिए कौन-सा महाभूत कारण है?

    • पृथ्वी और आकाश
    • पृथ्वी और अग्नि
    • अग्नि और जल
    • वायु और जल
  • निम्न में से गर्भ संग में लाभप्रद है?

    • कृष्ण सर्प की केचुली से योनि धूपन
    • पिण्डीतक द्वारा योनि धूपन
    • हस्तपाद पर हिरण्यपुष्पमूल बंधन
    • All
  • वाग्भटानुसार विष्कम्भा मूढ गर्भ की क्या स्थिति है?

    • शिरस के साथ एक हस्त
    • शिरस के साथ पाद और हस्त
    • शिरस के साथ पाद
    • दोनों पाद सिर्फ
  • चंदन और मृणाल का बाह्य प्रयोग किस रोग में किया जाता है

    • किक्किस
    • मूढ गर्भ
    • अपरासंग
    • उदावर्त
  • फेनिल दुग्ध का क्या कारण है?

    • वात
    • पित्त
    • कफ
    • मेद
  • “योनि रागच्छते एकशिरोभुज” कौन से मूढगर्भ से संबंधित है?

    • कील
    • बीजक
    • प्रतिखुर
    • परिघ
  • चरकानुसार निम्न में से स्तन्यवर्धक द्रव्य कौन से है?

    • चित्रक
    • पलाण्डू
    • इक्षु
    • मूलक
  • “कूर्यात् विण्मूत्रा संगार्ति शोषम् योनिमुखस्य च” निम्न किस योनि व्यापद् का लक्षण है?

    • परिप्लुता
    • शुष्क
    • उपप्लुता
    • वातल
  • Commonest type of breast carcinoma is-

    • Infiltrative lobular
    • Infiltrative pappilary
    • Infiltrative acinar
    • Infiltrative ductal
  • PID is common in—-region

    • Cervical
    • Lumbar
    • Thoracolumbar
    • None
  • एरण्ड तैल में डूबे हुए सैंधव लवण को योनि द्वार में प्रयोग का क्या प्रभाव है?

    • गर्भस्राव
    • गर्भ वृद्धि
    • गर्भ निरोध
    • कोई नहीं
  • आचार्य वाग्भट के अनुसार, संशमन स्नेह सेवन की मात्रा एवं काल क्या है-

    • उत्तम मात्रा भोजन करने के समय भूख लगने पर
    • मध्यम मात्रा रात्रि का अन्न जीर्ण हो जाने पर
    • मध्यम मात्रा भूख लगने पर बिना भोजन किये
    • उत्तम मात्रा रात्रि के अन्न के जीर्ण हो जाने पर
  • जो लोग बहुत दिनों से कास से पीड़ित है, चरकानुसार, उन्हें स्नेह किस मात्रा में दिया जाना चाहिए-

    • प्रधान
    • मध्यम
    • हृस्व
    • नहीं दिया जाना चाहिए
  • आचर्य सुश्रुत अनुसार कुष्ठ में स्नेह की कौन सी मात्रा प्रयोग की जाती है-

    • प्रधान
    • मध्यम
    • हृस्व
    • नहीं दिया जाना चाहिए
  • काश्यप ने अनुसार स्नेह की प्रविचारणा कितनी बताई है-

    • 24
    • 63
    • 64
    • 20
  • पक्वाशय रुजापह यवागू –

    • यमक मदिरा
    • यमक यव
    • चतु स्नेह मदिरा
    • चतु स्नेह यव
  • चरकनुसार, मिश्रक स्नेह किस व्याधि में दिया जाता है-

    • अपस्मार
    • उन्माद
    • गुल्म
    • None
  • “काण्डभग्न” में चरकनुसार कौन सा स्नेह प्रयुक्त होता है-

    • घृत
    • तैल
    • वसा
    • मज्जा

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AIAPGET 2019 (Ayurveda Pre PG) DAILY TEST #56

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