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AIAPGET-2019 (Ayurveda Pre PG) ONLINE DAILY TEST #22

AIAPGET 2019 Online Free of cost Daily Test Series.

Ayurveda Pre PG Exam Free Online Test Paper.

Free Online Test Series for Ayurveda Pre PG (MD/MS) Entrance Exam AIAPGET.

  • मूत्रमार्गगत रक्‍तपित मे गोक्षुर को किस के साथ मिला कर पाक किया दूध देना चाहिए

    • पुनर्नवा
    • शतावरी
    • चंदन
    • वरूण
  • रक्‍तपित रोगी में विबन्‍ध होने पर देय है

    • मुर्गा मांस रस
    • तितिर मांस रस उदुम्बर रस में सिद्ध् करके
    • खरगोश मांस रस वास्तुक के साथ
    • मोर मास रस
  • अगस्‍त्‍यहरीतकी रसायन की प्रतिदिन सेवनीय मात्रा कितनी हे

    • 1 हरीतकी
    • 2 हरीतकी
    • 3 हरीतकी
    • अग्निबलानुसार
  • शीतपिटिका तथा उदर्द किस ज्‍वर का लक्षण है

    • पित्तकफज
    • पितज
    • कफज
    • सन्निपातज
  • ………..स्‍त्‍वजामेद: सुराभृष्‍टं ससैधवम्

    • मूढवात
    • क्षत क्षीण
    • नष्‍टशुक्र
    • कास शोष
  • अष्टाङ्ग ह्रदय अनुसार, ऊर्ध्वग तथा अधोग रक्‍तपित में चिकित्‍सा पूर्व क्रमश: किस का प्रयोग निर्दिष्‍ट है

    • पेया तथा तर्पण
    • संतर्णण तथा अपतर्पण
    • तर्पण तथा पेया
    • लंघन तथा तर्पण
  • रक्‍तपित में किस क्षार का प्रयोग बताया गया है

    • पलाशत्‍वक क्षार
    • यवक्षार
    • अपामार्ग काण्‍ड क्षार
    • उत्‍पलनालक्षार
  • ……….ज्‍वरस्‍यान्‍ते कर्णमूले सुदारूण:

    • विषम
    • आगन्तुज ज्वर
    • सन्निपातज
    • साम
  • किस घृत का प्रयोग हिक्‍का श्वास रोगी के लिए नही है

    • धात्री घृत
    • कणादि घृत
    • तेजोवत्‍यादि घृत
    • धान्‍वन्‍तर घृत
  • मृत्‍युकाले कृतालयौ किस के लिए कहा गया है

    • कास, श्वास
    • हिक्‍का ,श्वास
    • कास, हिक्‍का
    • कास,श्वास, हिक्‍का
  • हृदयं स्‍तब्‍ध भारिकं साश्‍मगर्भवत् किसका लक्षण है

    • कफज हृदय रोग
    • मूढगर्भ
    • गर्भसंग
    • कफज ग्रहणी
  • राजयक्षमा में दोष तिर्यगगामी होने पर क्‍या लक्षण होता है

    • मलभेद
    • छर्दि
    • पार्श्‍वशूल
    • श्वास
  • हिक्‍का श्वास में प्‍यास लगें रोगी में क्‍या देय है

    • दशमूल क्‍वाथ
    • वारूणी मण्‍ड
    • दोनों
    • कोई नही
  • “जयेत्‍येतद्यक्ष्‍मण: सप्‍तकं बलम्” गुण बाले घृत योग में किस पंचमूल का प्रयोग किया गया है

    • वृहत, लघु
    • बृहत,जीवन ,मध्‍यम
    • लघु,जीवन
    • सभी पंचमूल
  • मूढवातानुलोमन हेतु निम्न मे से कौन से योग का प्रयोग किया जा सकता है-

    • पचंकोलादि घृत
    • खर्जूरादि घृत
    • यवानी षाडव चूर्ण
    • तालीशादि चूर्ण
  • शब्‍दासहत्‍वं किस में मिलता है

    • ध्‍वसंक
    • विक्षय
    • दोनों
    • सन्निपातज मदात्‍यय
  • वातज हृद्रोग में कफानुबन्‍ध होने पर (कफानुबन्धी वातह्रद्रोग) चिकित्‍सा है

    • स्निग्‍ध शीत
    • स्ग्धि,उष्‍ण
    • रूक्ष,शीत
    • रूक्ष ,उष्‍ण
  • कर्णक्ष्‍वेड किस में पाया जाता है

    • ग्रहणी का पूर्वरूप
    • ग्रहणी का सामान्‍य लक्षण
    • वातज ग्रहणी का लक्षण
    • सन्निपातज ग्रहणी का लक्षण
  • कृतेऽप्‍यकृत संज्ञश्च किस के लिए कहा गया है

    • वातज अतिसार
    • वातज ग्रहणी
    • कफज अतिसार
    • कफज ग्रहणी
  • “न विरोहन्ति: गुदजा: पुन:” वह लाभ किसके प्रयोग से मिलता है

    • दन्‍त्‍यरिष्‍ट
    • अभयारिष्‍ट
    • तक्र
    • तक्रारिष्ट

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